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<title>Ask Dadima about Health | Dadima Ke Gharelu Nuskhe Free Home Remedies Q2A - Recent questions tagged cough</title>
<link>http://dadimakegharelunuskhe.com/?qa=tag/cough</link>
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<title>सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार</title>
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&lt;p style=&quot;text-align: center;&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;http://dadimakegharelunuskhe.com/?qa=blob&amp;amp;qa_blobid=4312084431053329968&quot; style=&quot;height:359px; width:600px&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;h1 style=&quot;text-align:center&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;font-size:24px&quot;&gt;सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/h1&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;कफ़ एक ऐसी समस्या है जो बहुत आम होती है और हर किसी को कभी भी हो सकती है। मौसम में जरा से बदलाव से हमारे शरीर में सबसे पहले असर होता है, और सूखी खांसी जैसी बीमारी हमें जकड़ लेती है। सर्दी होने से हमारी नाक गला सभी बंद हो जाता है और हमें सांस लेने तक में कठिनाई होती है। कई बार सर्दी तो ठीक हो जाती है, लेकिन खांसी पीछा नहीं छोड़ती, और ये खांसी बिना कफ के सूखी होती है।&lt;/p&gt;

&lt;h3 style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूखी खांसी होने के कारण :&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;

&lt;ul&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;viral संक्रमण&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;फ्लू&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;सर्दी&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;स्मोकिंग&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;धूल मिटटी के संपर्क में ज्यादा रहना&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;किसी बड़ी बीमारी का होना जैसे TB, अस्थमा, फेफड़ों में कैंसर&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;इन सभी कारणों से हमें खांसी होने लगती है। खांसी लगातार होने से हमें सीने, सर में दर्द भी होने लगता है। खांसी की वजह से हम अच्छे से खा पी भी नहीं पाते है और किसी पार्टी मीटिंग जाने में भी हमें शर्मिंदगी महसूस होती है। लगातार आती खांसी हमें सब लोगों की नजर में ले आती है और हमारी वजह से दुसरे भी परेशान होने लगते है। सूखी खांसी सबसे ज्यादा संक्रमण फैलाते है, इसके कीटाणु मुख से निकल कर हवा में मिल जाते है और दुसरे के शरिर में सांस के द्वारा अंदर चले जाते है। जिससे दूसरा व्यक्ति भी इससे संक्रमित हो जाता है। इसलिए लोग खांसी वाले इन्सान के संपर्क में आने से कतराते है। खांसी वाले व्यक्ति को हमेशा अपने साथ एक रुमाल रखना चाहिए, और जब भी खांसी आये रुमाल मुंह पर रखें ताकि कीटाणु किसी और तक ना पहुंचे।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;वैसे तो खांसी की बहुत सी दवाइयां बाजार में उपलब्ध है और इनसे हमें आराम भी मिल जाता है, लेकिन अगर इसका इलाज हमें घर पर मुफ्त में मिल जाये तो क्या बात है। आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज है और ये इलाज बहुत असरदार भी होता है। आयुर्वेद में बीमारी धीरे धीरे लेकिन जड़ से मिट जाती है। सूखी खांसी दवाई खाने के बाबजूद 1-2 दिन में ठीक नहीं होती है, इसे ठीक होने में 10-15 दिन कई बार तो महीने लग जाते है। ये दवाई कई बार अपना असर भी नहीं दिखाती है। तो चलिए आज हम आपको सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार बताते है। सूखी खांसी दूर करने के ये घरेलु तरीके&amp;nbsp; बहुत किफायती और असरदार होते है। जब भी आपको या आपके घर वालों को यह बीमारी हो आपको बस अपने घर में मौजूद सामान के अनुसार इसका इलाज करना है। सूखी खांसी के ये घरेलु नुस्खे आपको इस बीमारी से ठीक करेंगे। ये तरीके आपके किचिन में ही है बस आपको नजर घुमाने की जरुरत है। ये घरेलु उपचार दवाई से ज्यादा टेस्टी और असरदार होते है, जिसे आपके बच्चे भी आसानी से स्वाद ले लेकर खायेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;h3 style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहद का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;एक शोध के अनुसार शहद खांसी में किसी दवाई से ज्यादा असरदार होती है। इसमें antibactirial प्रॉपर्टीज होती है जो खांसी के कीटाणु को नष्ट करती है। यह तरीका बच्चे बड़े सभी पर असरदार होता है, और खाने में टेस्टी होने के कारण सब इसे चाट चाट कर खाते है। 1 tbsp शहद को दिन में 3 बार लें इससे आपको जरुर आराम मिलेगा। रात को सोने से तुरत पहले जरुर लें इससे आपको सोते वक्त खांसी नहीं आएगी और आप चैन से सो पाएंगे। बच्चों को 1 tbsp की जगह 1 tsp ही खिलाएं। यह इलाज आप बच्चो के लिए भी अपना सकते है।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;हल्दी का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;सूखी खांसी&amp;nbsp; के लिए हल्दी बहुत अच्छा इलाज है। हल्दी का प्रयोग आयुर्वेद में बहुत समय से होते आ रहा है। हल्दी हमारे सौन्दर्य को निखारने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। ½ कप पानी को उबाल लें, उसमें 1 tsp हल्दी, 1 दालचीनी स्टिक और 1 tsp काली मिर्च मिलाएं। इसे 1-2 min और उबालें फिर इसमें 1 tbsp शहद मिलाएं। अब इसे दिन में 2 बार पियें जब तक आपको आराम न मिल जाए। इसके अलावा 1 कप पानी में 1 चम्मच हल्दी पाउडर और 1 चम्मच अजवाइन डालें। इसे तब तक उबालें जब तक वह आधा ना रह जाये। अब इसमें शहद&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;अदरक का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अदरक खांसी के लिए नेचुरल दवाई है। अदरक के कुछ कुछ टुकड़े 1 कप पानी में उबाल लें, फिर इसमें 2 चम्मच शाद मिलाएं और इसे दिन में 2-3 बार पियें। खांसी में जरुर आराम मिलेगा। इसके अलावा आप अदरक कुछ टुकड़े ऐसे ही चबा सकती है।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;नमक के पानी का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;कफ में नमक का पानी बहुत असरदार होता है। यह गले के दर्द को दूर कर खांसी से भी आराम देता है। 1 गिलास गुनगुना पानी लें उसमें 1 tbsp नमक मिलाएं। अब इस पानी को मुंह में लेकर 15 तक गरारे करे। इस प्रक्रिया को दुहराते रहें। इसके आपके गले को बहुत आराम मिलेगा।
&lt;br&gt;
&lt;br&gt;&lt;strong&gt;नीबू का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;नीम्बू में विटामिन c होता है जो कफ के संक्रमण को दूर करता है। 2 tbsp नीम्बू के रस में 1 tbsp शहद मिलाएं । इसे दिन में कई बार पियें, आपकी खांसी कम हो जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;लहसुन का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;लह्स्सों में antibactirial property होती है जो खांसी दूर करने में सहायक होती है। 1 कप पानी में 2-3 लहसून की कालिया डालकर उबालें। इसे थोडा ठंडा कर इसमें शहद डालें और पी लें।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्याज़ का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;खांसी के उपचार के लिए ये बहुत आसन तरीका है। ½ tsp प्याज के रस में ½ tsp शहद मिलाएं और इसे दिन में 2-3 बार पियें। इससे आपको जरुर आराम मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;गरम दूध का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;गरम दूध से कफ में आराम मिलता है साथ ही ये सीने के दर्द को भी कम करता है। 1 गिलास दूध में 2 चम्मच शाद मिला कर पियें। इसे आप रात को सोने से पहले पियें। इससे खांसी में आराम मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;कलि मिर्च का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;काली मिर्च भी कफ में बहुत आराम देती है। इसे पीस कर दूध मिला कर खाएं खांसी में आराम मिलेगा। इसके अलावा इसे पीसकर घी में थोडा भून लें फिर इसे रोज खाएं। खांसी जल्दी ठीक हो जाएगी।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;चाय का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;सर्दी खांसी में जी चाहता है बस कुछ गरम गरम पीने का, ऐसे में चाय से अच्छा क्या मिलेगा। आप अपनी रोज की चाय में तुलसी, काली मिर्च और अदरक मिला लें। इससे आपकी खांसी में बहुत जल्द आराम मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;तुलसी का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर उसमें शहद मिलाएं। फिर इसमें अदरक का रस भी मिलाएं । इसे आप रोज दिन में 2 बार लें आपको खांसी से जरुर आराम मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;गाजर के जूस का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;गाजर का जूस निकालें उसमें थोडा पानी भी मिला लें। अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार पियें। आपको आराम मिलेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;बादाम का उपयोग&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;बादाम में बहुत से पोषक तत्व होते है जो कफ में आराम देते है। 4-5 बादाम को रात भर पानी में भिगो दें। अगले दिन इसे पीस कर पेस्ट बना लें अब इसमें 1 tsp बटर मिला लें। इसे दिन में 3-4 बार तब तक लें जब तक आपको आराम ना मिल जाये।&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align:justify&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये सभी तरीके नेचुरल है और आप ये तरीके बच्चो के लिए भी उपयोग कर सकते है । इससे किसी को कोई भी नुकसान नहीं होगा। और आपको जरुर बहुत अच्छे परिणाम मिलेगा। लेकिन अगर आपको 2 हफ़्तों में भी आराम नहीं मिला है, तो आप अपने डॉक्टर को जरुर दिखाएँ।&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;</description>
<category>Remedies</category>
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<pubDate>Tue, 29 Dec 2020 11:18:46 +0000</pubDate>
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<title>सर्दियों में बैठ जाता है गला? ये नुस्खे दिलाएंगे आराम</title>
<link>http://dadimakegharelunuskhe.com/?qa=34/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%87-%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE</link>
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&lt;p style=&quot;text-align: center;&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;http://images.medicinenet.com//images/slideshow/sore_throat_s1_woman_holding_neck.jpg&quot; style=&quot;height:335px; width:493px&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;बदलते मौसम की वजह से अक्सर गला बैठ जाता है या गले में खराश होने लगती है। इसे लोग आम समस्या मानकर डॉक्टर के पास नहीं जाते, जिस वजह से कभी-कभी यह बीमारी भयंकर रूप तक ले लेती है। अगर आप भी ऐसे में डॉक्टर के पास जाने में लापरवाही बरतते हैं तो ये नुस्खे अजमाकर घर बैठे ही इस समस्या ले निजात पा सकते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;दालचीनी&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;सर्दी की वजह से अगर आपका गला खराब हो गया है तो दालचीनी एक अच्छा उपाय है। एक ग्लास गर्म पानी में छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर और काली मिर्च घोल लें। अब इस मिश्रण को छान लें और गरारे करें। आप चाहें तो इसमें इलायची भी डाल सकते हैं। दिन में दो तीन बारी आप इस पानी से गरारे कर सकते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;अदरक और शहद&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;गले को गर्माहट और दर्द में राहत पहुंचाने का यह कारगर उपाय है। इसके लिए अदरक को पीसकर शहद में मिलाएं और काली मिर्च डालकर पेस्ट बना लें। थोड़ी-थोड़ी देर में इसे मुंह में डालते रहें। आप &amp;nbsp;अदरक की जगह लहसुन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;लहसुन&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;लहसुन में एंटी-सेप्टिक और एंडी-बैक्टेरियल गुण होते हैं जो गले के लिए फायदेमंद रहते हैं। इसके लिए आप लहसुन की कच्ची कली चबाएं क्योंकि इसमें से एलीसिन नामक एक कैमिकल निकलता है जो गला खराब करने वाले बैक्टेरिया को नष्ट करता है। आप चाहें तो लहसुन के तेल की कुछ बूंदें गर्म पानी में डालकर गरारे भी कर सकते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;लौंग, काली मिर्च और शहद&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;एक ग्लास गर्म पानी में चुटकी भर पिसी लौंग, काली मिर्च और शहद की मिलाएं। रोज सुबह इसे पीने से गले को आराम मिलता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;हल्दी&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;एंटी-सेप्टिक गुणों की वजह से हल्दी को अधिकतर बीमरियों का रामबाण इलाज माना जाता है। एक कप गर्म पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाएं और रोज सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। तीन-चार दिन तक लगातार इसे पीने से आराम मिलता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description>
<category>Remedies</category>
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<pubDate>Fri, 27 Jan 2017 18:52:07 +0000</pubDate>
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<title>कफ़  / खांसी के घरेलू उपाय</title>
<link>http://dadimakegharelunuskhe.com/?qa=33/%E0%A4%95%E0%A5%9E-%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AF</link>
<description>

&lt;p style=&quot;text-align: center;&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;https://i.shimply.com/Home-Remedies-for-Cough-in-Hindi.png?1480167109&quot; style=&quot;height:400px; width:625px&quot;&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;कफ़ (Cough) एक समान्य प्रकार की गले में होने वाली बीमारी है | जो संक्रमण से होता है | जब कभी स्वांस लेने की प्रक्रिया के दौरान कुछ हानिकारक बैक्टीरिया हमारे स्वांस नाली में पहुच जाता है, तो हमारे शरिर में मौजूद &amp;nbsp;सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (WHITE BLOOD CELL) इन हानिकारक बैक्टीरिया (HARMFUL BACTERIA) से बचाने के लिए जेलिनुमा तत्वं बनाते है जिसे कफ़ (खांसी) कहा जाता है | खांसी की शिकायत किसी भी ऊम्र के लोगो को हो सकती है, &amp;nbsp;परन्तु सबसे अधिक कम ऊम्र के बच्चे एवं ऊम्र दराज लोगो में खासकर इस तरह की समस्याए मिलती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;खांसी होने के कारण&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;अक्सर मौसम में परिवर्तन होने के साथ इस प्रकार की समस्या होती है |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;या कभी कभी ठंढी मौसम के प्रभाव में मानव शरिर के आने से होता है |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;कफ़ के जमाव से गले में सुजन एवं दर्द होने लगता है जो कभी कभी असहनीय हो जाता है |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;इसके अलावा कई तरह के बीमारियों के होने से जैसे (टी.बी),(अस्थामा) आदि के होने पर भी कॉफ़ की शिकायत हो सकती है |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;वतावार्निय प्रदुसान के संपर्क में आने से |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;ठंडी चीजे जैसे आइसक्रीम, शीतल पेय , के सेवन से |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;तेज धुप के बाद अचानक वर्षा होने से शरिर की रोग प्रतिरोधक छमता में कमी (कमजोर) होने से |&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;खांसी / कफ़ निदान&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;वैसे तो खांसी का निवारण के लिए बाजार में कई तरह के दवाइया (medicine) उपलब्ध मिलती है | परन्तु कफ़ &amp;nbsp;के समास्या से निजात पाने के लिए घर में उपयोग की जाने वाली घरेलु सामानों से भी इसका ईलाज किया जा सकता है | जैसे :&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;नमक पानी से गर्गिल&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;कॉफ़ की शिकायत होने पर पानी को गर्म करके उसमे चुटकी भर नमक मिलाकर गर्गिल करना चाहिए जिस्से गले में होने वाली तकलीफ से राहत मिलती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहद (honey)&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अगर आप को कॉफ़ की समस्या है, तो दिन में तीन बार शहद को थोडा थोडा(एक या दो चम्मच ) कर के लेने से रहत मिल सकती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरसों के तेल (mustard oil massage)&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;सरसों के तेल में लहसुन के कुछ टुकड़े को डालकर उसे लाल होने तक गर्म करे उसके पश्च्यात उस तेल से छाती एवं गर्दन को मालिश करने से तकलीफ कम हो जाती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;अदरक (ginger)&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अदरक आसानी से मिलने वाली चीज है, जो प्राय सभी घरो में उपलब्ध मिलती है| इसका उपयोग भी कॉफ़ के निवारण के लिए किया जा सकता है | इसके लिए सबसे पहले अदरक &amp;nbsp;की छोटे से टुकड़े को घी में मिलाकर पानी में 5 मिनट तक उबलने के बाद उसे पिने से खांसी दूर हो जाती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;गरम पानी (use hot water)&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;पिने के लिए रोजाना हमेशा गरम पानी का ही इस्तेमाल करे |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;गरम अदरक वाली चाय (hot ginger tea)&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;गरम अदरक वाली चाय (tea) पीजिये | गरम कॉफ़ी भी स्वासन क्रिया को समान्य रखने में मदद करती है |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;strong&gt;ठंडी चीजो से परहेज (avoid cold things) :&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;कॉफ़ की शिकायत होने पर ठंडी चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए |&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;शीतकालीन मौसम के समय जब भी घर से बाहर निकले खुदको गरम कपड़ो से ढक ले, सिर में ठंड न लगने पाए , इसके लिए टोप्पी का इस्तेमाल करे | इस्से कान में तक ठंड नहीं पहुचेगी और और आपको ख़ासी से आराम मिलेगी &amp;nbsp;|&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description>
<category>Remedies</category>
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<pubDate>Fri, 27 Jan 2017 18:39:47 +0000</pubDate>
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<title>खांसी या पेटदर्द, ठंड में अमरूद खाने से मिलते हैं ये 15 फायदे</title>
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&lt;p style=&quot;text-align: center;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:14px&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;https://scontent-sin6-1.xx.fbcdn.net/v/t1.0-0/s480x480/15267879_751400545007559_7033213620730347923_n.jpg?oh=5ca2a77eddcc2499ff5c5bb471d533d9&amp;amp;oe=58CC77B0&quot; style=&quot;height:268px; width:480px&quot;&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद में विटामिन सी और शर्करा काफी मात्रा में होती है। अमरूद में पेक्टिन की मात्रा भी बहुत अधिक होती है। अमरूद को इसके बीजों के साथ खाना अत्यंत उपयोगी होता है, जिसके कारण पेट साफ रहता है। अमरूद का उपयोग चटनियां, जेली, मुरब्बा और फल से पनीर बनाने में किया जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर ठंड में अमरूद खाने के क्या फायदे हो सकते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमरूद के सेवन से मिलने वाले 15 फायदे&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमरूद हाई एनर्जी फ्रूट है जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल्‍स पाए जाते हैं। ये तत्व हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;डीएनए को सुधारे अमरूद में पाया जाने वाला विटामिन बी-9 शरीर की कोशिकाओं और डीएनए को सुधारने का काम करता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;दिल का साथी अमरूद में मौजूद पोटैशियम और मैग्‍नीशियम दिल और मांसपेशियों को दुरुस्‍त रखकर उन्‍हें कई बीमारियों से बचाता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अगर आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं तो अमरूद का सेवन करना बहुत फायदेमंद होगा।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद के नियमित सेवन से सर्दी जुकाम जैसी समस्‍याओं के होने का खतरा कम हो जाता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद में पाया जाने वाला विटामिन ए और ई आंखों, बालों और त्‍वचा को पोषण देता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद में मौजूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्‍यूट्र‍िएंट्स शरीर को कैंसर और ट्यूमर के खतरे से बचाने में सहायक होते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद में बीटा कैरोटीन होता है जो शरीर को त्‍वचा संबंधी बीमारियों से बचाता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद का नियमित सेवन करने से कब्‍ज की समस्‍या में राहत मिलती है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;फल के साथ ही अमरूद की पत्तियों का सेवन मुंह के छालों को दूर करने में कारगर होता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद का रायता, चटनी, अचार और शेक खाने का स्‍वाद बढ़ा देते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद मेटाबॉलिज्‍म को सही रखता है जिससे शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर नियंत्रित रहता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;कच्‍चे अमरूद में पके अमरूद की अपेक्षा विटामिन सी अधिक पाया जाता है। इसलिए कच्‍चा अमरूद खाना ज्‍यादा फायदेमंद होता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;अमरूद में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है इसलिए यह डायबिटिज के मरीजों के लिए बहुत अच्‍छा होता है।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;

&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;थायरॉइडनॉर्मल थायरॉइड में भी डॉक्‍टर अमरूद खाने की सलाह देते हैं।&lt;/span&gt;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेटदर्द&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अमरूद के पेड़ की पत्तियों को बारीक पीसकर काले नमक के साथ चाटने से लाभ होता है। अमरूद के फल की फुगनी (अमरूद के फल के नीचे वाले छोटे पत्ते) में थोड़ा-सी मात्रा में सेंधानमक को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पीने से पेट में दर्द समाप्त होता है। यदि पेट दर्द की शिकायत हो तो अमरूद की कोमल पत्तियों को पीसकर पानी में मिलाकर पीने से आराम होता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपच&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अपच, अग्निमान्द्य और अफारा के लिए अमरूद बहुत ही उत्तम औषधि है। इन रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को 250 ग्राम अमरूद भोजन करने के बाद खाना चाहिए। जिन लोगों को कब्ज न हो तो उन्हें खाना खाने से पहले खाना चाहिए।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;बवासीर&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;सुबह खाली पेट 200-300 ग्राम अमरूद नियमित रूप से सेवन करने से बवासीर में लाभ मिलता है। कुछ दिनों तक रोजाना सुबह खाली पेट 250 ग्राम अमरूद खाने से भी बवासीर ठीक हो जाती है। बवासीर को दूर करने के लिए सुबह खाली पेट अमरूद खाना उत्तम है। मल-त्याग करते समय बांयें पैर पर जोर देकर बैठें। इस प्रयोग से बवासीर नहीं होती है और मल साफ आता है। पके अमरुद खाने से पेट का कब्ज खत्म होता है, जिससे बवासीर रोग दूर हो जाता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;कब्ज&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अच्छी किस्म के तरोताजा बड़े-बड़े अमरूद लेकर उसके छिलकों को निकालकर टुकड़े कर लें और धीमी आग पर पानी में उबालें। जब अमरूद आधे पककर नरम हो जाएं, तब नीचे उतारकर कपड़े में डालकर पानी निकाल लें। उसके बाद उससे 3 गुना शक्कर लेकर उसकी चासनी बनायें और अमरूद के टुकड़े उसमें डाल दें। फिर उसमें इलायची के दानों का चूर्ण और केसर इच्छानुसार डालकर मुरब्बा बनायें। ठंडा होने पर इस मुरब्बे को चीनी-मिट्टी के बर्तन में भरकर, उसका मुंह बंद करके थोड़े दिन तक रख छोड़े। यह मुरब्बा 20-25 ग्राम की मात्रा में रोजाना खाने से कब्जियत दूर होती है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;खांसी&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;एक कच्चे अमरूद को लेकर चाकू से कुरेदकर उसका थोड़ा-सा गूदा निकाल लेते हैं। फिर इस अमरूद में पिसी हुई अजवायन तथा पिसा हुआ कालानमक 6-6 ग्राम की मात्रा में लेकर भर देते हैं। इसके बाद अमरूद पर कपड़ा लपेटकर उसमें गीली मिट्टी का लेप चढ़ाकर आग में भून लेते हैं पकने के बाद इसके ऊपर से मिट्टी और कपड़ा हटाकर अमरूद को पीस लेते हैं। इसे आधा-आधा ग्राम की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम रोगी को चटाने से काली खांसी में लाभ होता है।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;जल्द घाव भरना&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;अमरूद की कोमल पत्तियां उबालकर पीने से पुराने दस्तों का रोग ठीक हो जाता है। दस्तों में आंव आती रहे, आंतों में सूजन आ जाए, घाव हो जाए तो 2-3 महीने लगातार 250 ग्राम अमरूद रोजाना खाते रहने से दस्तों में लाभ होता है। अमरूद में-टैनिक एसिड होता है, जिसका प्रधान काम घाव भरना है। इससे आंतों के घाव भरकर आंते स्वस्थ हो जाती हैं।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;

&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;font-size:16px&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमरूद कब हो सकता है हानिकारक ?&lt;/strong&gt;
&lt;br&gt;शीत प्रकृति वालों को और जिनका आमाशय कमजोर हो, उनके लिए अमरूद हानिकारक होता है। बारिश के सीजन में अमरूद के अंदर सूक्ष्म धागे जैसे सफेद कीडे़ पैदा हो जाते हैं जिसे खाने वाले व्यक्ति को पेट दर्द, अफारा, हैजा जैसे विकार हो सकते हैं। हालांकि ठंड में ताजे अमरूद खाने से फायदेमंद होते हैं, लेकिन यदि कुछ दिन तक पुराने हो जाए तो नहीं खाना चाहिए। इसके बीज सख्म होने के कारण आसानी से नहीं पचते और यदि ये एपेन्डिक्स में चले जाए, तो रोग पैदा कर सकते हैं। अत: इनके बीजों के सेवन से बचना चाहिए।&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;</description>
<category>Health Issues</category>
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<pubDate>Mon, 28 Nov 2016 02:56:38 +0000</pubDate>
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